राहुल गांधी समेत कांग्रेस नेताओं ने छात्रों के साथ हुई बर्बरता के मुद्दे को लेकर पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन किया. पढ़ें पूरी स्टोरी.![]()
नई दिल्ली : शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी पीएम आवास की ओर कूच कर गए. उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी थे. कांग्रेस नेताओं ने पीएम आवास के बाहर जाकर प्रदर्शन किया. उनके प्रदर्शन को देखते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह राहुल गांधी से मिलने पहुंचे.
कांग्रेस नेताओं ने वहां से हटने से मना कर दिया. इसके बाद दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया. पुलिस राहुल गांधी को छत्रसाल स्टेडियम ले गई, जबकि प्रियंका गांधी और कुछ अन्य कांग्रेस नेताओं को मंदिर मार्ग थाने लाया गया.
हालांकि, दिल्ली ने देर रात कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं को छोड़ दिया. बाद में राहुल गांधी छत्रसाल स्टेडियम से निकलकर जाते हुए देखे गए. प्रियंका गांधी भी मंदिर मार्ग थाने से बाहर आईं.पार्टी नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी मंदिर मार्ग थाने पहुंचीं. यहां उन्होंने प्रियंका गांधी और पार्टी के दूसरे नेताओं से मिलीं. वहीं, थाने के बाहर बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता जमा हो गए थे.
चरमराई हुई शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करना होगा…
रिहा होने के बाद मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा, “हमारे देश के बच्चों, हमारे देश के भविष्य की बात सुनने में क्या दिक्कत है? उनकी एक सच्ची मांग है… उनके प्रतिनिधि होने के नाते, उनकी आवाज उठाना और उन्हें मजबूत बनाना हमारी जिम्मेदारी है.”
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना मौलिक अधिकार है. हम जहां भी जरूरत होगी, अपनी आवाज उठाएंगे… हमारी मांग साफ है और शुरू से वही है… हमें चरमराई हुई शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करना होगा. धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना होगा. संसद में चर्चा होनी चाहिए और स्टूडेंट्स की बात सुनी जानी चाहिए.
कांग्रेस सांसद ने कहा कि वंदे मातरम् का क्या मतलब है? अपनी मातृभूमि का सम्मान करना. हमारी मातृभूमि लोकतंत्र है. ये बच्चे कौन हैं? इन्होंने ही हमें वोट देकर संसद में भेजा है… शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के लिए बिल क्यों नहीं लाया जा रहा है? अडाणी-अंबानी के 16 लाख करोड़ रुपये के लोन माफ कर दिए गए. लेकिन पूरे देश की शिक्षा पर सिर्फ 1.4 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए…”
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने आगे कहा, “अगर विपक्ष के नेता संसद में बोलना चाहते हैं, तो उन्हें बोलने नहीं दिया जाता. अगर हम प्रदर्शन करने की अनुमति मांगते हैं, तो वह अनुमति नहीं दी जाती. इसलिए हम ऐसी जगह गए जहां उन्हें हमारी बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी.”
कांग्रेस सांसद शशि थरूर भी देर रात मंदिर मार्ग थाने पहुंचे. इस मौके पर उन्होंने कहा, “जो हुआ वह बिल्कुल गलत है. लोकतंत्र में ऐसा नहीं होना चाहिए. हमें जनता के मुद्दे और उनकी मांगें उठाने की जरूरत है.”
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, “सरकार ने कल (सोमवार को) अपनी क्रूरता दिखाई. आज, उन्होंने यही क्रूरता दोहराई है… वे लोकतंत्र विरोधी हैं… जितेंद्र सिंह ने हमसे कहा कि नोटिस दें, और फिर वे चर्चा के बारे में सोचेंगे, जो हम नहीं चाहते. हमने कल नोटिस दिया था, और आज भी… अब ये सब बकवास बातें हैं…”
प्रियंका गांधी के साथ दुर्व्यवहार का आरोप
इस बीच कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि पुरुष पुलिस अधिकारियों ने प्रियंका गांधी के साथ दुर्व्यवहार किया. कांग्रेस ने एक्स पोस्ट में लिखा, क्या दिल्ली पुलिस के पास महिला पुलिसकर्मी नहीं हैं? क्या महिला सांसद को पुरुष पुलिसकर्मी द्वारा जबरन बस में ठूंसा जाना ठीक है? अमित शाह की पुलिस ने आज न सिर्फ लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि महिला सम्मान की सारी मर्यादाएं लांघ दीं. देश की महिला सांसद के साथ ऐसा दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. शर्म आनी चाहिए!”
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ट्वीट किया, “कल युवा छात्रों के साथ हुई बर्बरता के बारे में जवाब मांगने के लिए हम प्रधानमंत्री मोदी के घर तक मार्च कर रहे हैं. सरकार न तो कोई जिम्मेदारी लेना चाहती है और न ही इस पर संसद में बहस करना चाहती है. भारत के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए.”
राहुल गांधी के साथ प्रदर्शन करने वालों में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल, पवन खेड़ा और अन्य कई नेता मौजूद थे.
प्रियंका गांधी ने कहा, “हम सदन में चर्चा करना चाहते हैं, लेकिन विपक्ष को बात नहीं करने दिया जाता. ये सदन उन्हीं युवाओं का है जिन पर सरकार लाठी चला रही है, आंसू गैस के गोले छोड़ रही है. बच्चों की बात सुनी जाए और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लिया जाए.”
पुलिस ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को हिरासत में ले किया. हिरासत में लिए जाने पर पंजाब कांग्रेस कैंपेन कमेटी के चेयरमैन चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा, “यह बीजेपी का आतंकवाद है. वे छात्रों की बात नहीं सुनते.”कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने कहा, “किसी को भी बोलने की इजाजत नहीं है. असल में, किसी भी सांसद को संसद में बोलने की इजाजत नहीं दी जाती है, प्रधानमंत्री संसद तक नहीं आते. इसीलिए विपक्ष के सभी सांसद उनके आवास पर आए हैं, ताकि हमारी आवाज सुनी जा सके.”इस बीच कांग्रेस ने अपनी लीगल टीम को निर्देश दिया है कि वे चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार, हिरासत में लिए गए और हमले का शिकार हुए युवाओं को हर संभव मदद दें. संपर्क करने की जानकारी नीचे दी गई है.राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचकर घायल छात्रों से मुलाकात भी की.