हरिद्वार के श्यामपुर रेंज में दो बाघों की मौत का मामला सुर्खियों में बना हुआ है. मामले में आमिर हमजा मुख्य आरोपी है.![]()
हरिद्वार: वन विभाग हरिद्वार की श्यामपुर रेंज में हुए दो बाघों के शिकार के मामले में वन विभाग को मुख्य आरोपी की रिमांड मिलने का इंतजार है. जिसके लिए कोर्ट में एप्लीकेशन भी दाखिल कर दी गई है. आरोपी आमिर हमजा की रिमांड मिलने के बाद वन विभाग बाघों के पंजे रिकवर करने में जुटेगा. अधिकारियों के अनुसार आमिर हमजा उर्फ मियां ने ही बाघों के पंजे काटे थे और उसी के पास पंजों की जानकारी है. क्योंकि अभी तक दोनों बाघों के पंजे बरामद नहीं हुए हैं.
कुल्हाड़ी और जहरीला पदार्थ बरामद: वहीं पंजे काटने में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी और मृत भैंस के ऊपर छिड़का गया जहरीला पदार्थ वन विभाग की टीम ने बरामद कर लिया है. साथ ही ये भी दावा किया जा रहा है कि वन विभाग की टीम ने शिकार में इस्तेमाल किए गए जहर और कुल्हाड़ी को भी बरामद कर लिया है. डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध के मुताबिक खेती बाड़ी में इस्तेमाल होने वाले केमिकल को जहर की तरह इस्तेमाल किया गया था.
रेंजर, फॉरेस्टर और फॉरेस्ट गार्ड किए जा चुके हैं निलंबित: सामने आने के बाद मुख्य वन संरक्षक यानी हॉफ को इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे. इतना ही नहीं वन मंत्री ने खुद घटनास्थल पर जाकर निरीक्षण किया था और अधिकारियों से मामले की जानकारी जुटाई थी. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि इस मामले में जो कोई भी दोषी हो विभागीय स्तर पर उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाए.
लापरवाही सामने आने पर एक्शन: उनके निर्देश के बाद श्यामपुर रेंज के रेंज अधिकारी विनय राठी समेत एक फॉरेस्टर और एक फॉरेस्ट गार्ड को निलंबित कर दिया गया था. बता दें कि लापरवाही पर ही श्यामपुर के रेंजर, एक फॉरेस्ट गार्ड और एक फॉरेस्टर को निलंबित किया गया. रेंज अधिकारी विनय राठी को हरिद्वार डीएफओ कार्यालय से अटैच कर दिया गया है.
आमिर हमजा उर्फ मियां ने कोर्ट में सरेंडर किया था. इस केस से संबंधित अन्य बिंदुओं का पता लगाने के लिए एक रिमांड एप्लीकेशन कोर्ट में सबमिट कर दी गई है. इस केस में जहर और कुल्हाड़ी वन विभाग की टीम ने बरामद कर लिया है. गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों द्वारा बताया गया कि बाघों के पंजे आमिर हमजा के पास ही हैं. फिलहाल मामले में सबंधित रेंजर फॉरेस्टर और फॉरेस्ट गार्ड को अपने कार्यालय से अटैच कर दिया गया है.
-स्वप्निल अनिरुद्ध, डीएफओ-
आमिर हमजा उर्फ मियां खोलेगा कई राज: हालांकि बीती 18 में और 19 में को श्यामपुर रेंज के जंगल में 2 साल के दो बाघों के शव बरामद हुए थे. धारदार हथियार बाघों के पंजे काटे हुए थे. उनके शव तो बरामद हुए लेकिन उनके पंजे बरामद नहीं हुए थे. जांच में सामने आया कि इस कांड का मुख्य आरोपी आमिर हमजा उर्फ मियां ने ही मृत भैंस के ऊपर जहरीला पदार्थ छिड़ा था और जब अमृत भैंस के मांस को खाकर बाघों की मौत हो गई थी. तब अपने साथियों के साथ मिलकर अमीर हमजा ने ही बाघों के पंजे काटे थे. हालांकि वन विभाग की टीम को पंजे तो बरामद नहीं हुई.
रिमांड मिलने की उम्मीद में वन विभाग: लेकिन आमिर हमजा के चार साथियों को वन विभाग की टीम ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. इसके बाद हमजा ने वन विभाग की टीम को चकमा देकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया. अब बड़ा सवाल यही है कि यदि वन विभाग की टीम को कोर्ट से हमजा उर्फ मियां की रिमांड मिल जाती है तो आमिर हमजा कई राज खोल सकता है. डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध के मुताबिक पंजे काटने में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी और मृत भैंस के ऊपर छिड़का गया जहरीला पदार्थ बरामद कर लिया गया है. हमजा की रिमांड के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल की है, उम्मीद है कि जल्द ही रिमांड मिल जाएगी.